-->
Flash News

" हिंदुत्व टीवी में पत्रकारों की टीम 24 घंटे छत्तीसगढ़ समेत देश की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरे पोस्ट करती है। हमारे टीम के द्वारा दी जाने वाली सभी खबरें या जानकारियां एक विशेष टीम के द्वारा गहन संसोधन (रिसर्च) के बाद ही पोस्ट की जाती है . .... CALL 9685644537

लगभग 2 साल से बंद सार्वजनिक शौचालय — श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी, प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर

लगभग 2 साल से बंद सार्वजनिक शौचालय — श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी, प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर
धमतरी


सिहावा क्षेत्र, जहाँ महानदी का उद्गम स्थल स्थित है, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। प्रतिदिन यहाँ हजारों श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन एवं स्नान के लिए पहुंचते हैं। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन की भावना को झटका देने वाली तस्वीर यहाँ देखने को मिल रही है।
ग्राम भीतररस विकासखंड नगरी में लगभग 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक सार्वजनिक शौचालय पिछले 2 वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। दीवारों पर “स्वच्छ भारत”, “बेटी बहू की लाज है शौचालय जिम्मेदारी है” जैसे नारे साफ दिखाई देते हैं, लेकिन दरवाजों पर ताले जड़े हुए हैं और परिसर झाड़ियों से घिरा हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद से न तो पानी की व्यवस्था की गई, न सफाई की। अब श्रद्धालु और पर्यटक खुले में शौच जैसी असुविधाओं का सामना करने को मजबूर हैं।

पास ही लगे बोर्ड में लिखा है कि यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में प्रतिबंधित है तथा यहाँ प्लास्टिक या डिस्पोज़ल सामग्री फेंकना मना है, लेकिन हकीकत में शौचालय के आसपास गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है।

क्या कहते हैं जनपद सीईओ —
जनपद पंचायत नगरी के सीईओ रोहित बोरझा ने कहा कि “जल्द ही सरपंच को निर्देश देकर शौचालय को 24 घंटे के भीतर खुलवाया जाएगा।”

क्या कहते हैं सरपंच —
ग्राम पंचायत भीतररस के सरपंच रेमन सांडिल्य ने बताया कि “कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शौचालय में तोड़फोड़ की गई थी, जिसके चलते इसे बंद करना पड़ा था। अब जल्द ही पानी की समस्या दूर कर शौचालय को फिर से चालू किया जाएगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को झटका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के सपनों को कहीं न कहीं इस लापरवाही ने कुचल दिया है।
इसी जिले में कलेक्टर अभिनाश मिश्रा द्वारा “माँ अभियान” की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य था कि श्रद्धालु स्थलों और नदी किनारों पर स्वच्छता बनी रहे। लेकिन वास्तविकता यह है कि जहाँ एक ओर नदी से महज़ 200 मीटर की दूरी पर वृहद वृक्षारोपण किया गया है, वहीं दूसरी ओर शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है।

ऐसी स्थिति प्रशासन की घोर लापरवाही मानी जा रही है। श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह शौचालय शीघ्र चालू नहीं किया गया तो स्वच्छ भारत अभियान और माँ अभियान की भावना पर प्रश्नन चिन्ह होगा!

anutrickz

"हिंदुत्व टीवी"

@topbharat

TopBharat is one of the leading consumer News websites aimed at helping people understand and Know Latest News in a better way.

GET NOTIFIED OUR CONTENT