विधायक अंबिका मरकाम ने खोला मोर्चा, बोलीं— “काम मेरा, नाम किसी और का
सिहावा क्षेत्र में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर राजनीति गरमा गई है। विधायक अंबिका मरकाम ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके प्रयासों से स्वीकृत विकास कार्यों का श्रेय अन्य लोगों द्वारा लिया जा रहा है, जो भ्रामक है।
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए बताया कि काजल नदी पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल की स्वीकृति उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 3 फरवरी 2025 को उन्होंने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को बजट में शामिल कराने का अनुरोध किया था। वहीं 29 मार्च 2026 को बजट लैप्स होने की जानकारी मिलने पर 30 मार्च को स्वयं मंत्रालय जाकर वित्त सचिव से मुलाकात की और प्रशासकीय स्वीकृति सुनिश्चित कराई।
विधायक मरकाम ने आरोप लगाया कि स्वीकृति मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस कार्य का श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि इस प्रक्रिया में उनका कोई योगदान नहीं रहा।
शिक्षा के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि उन्होंने 10 दिसंबर 2025 को विधानसभा में क्षेत्र के 18 जर्जर स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठाया था। इसके बाद 16 दिसंबर को हुई चर्चा के पश्चात स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई।
मीडिया से अपील करते हुए विधायक ने कहा कि समाचारों के प्रकाशन से पूर्व आधिकारिक दस्तावेजों का अवलोकन किया जाना चाहिए, ताकि जनता के सामने सही जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता आवश्यक है और गलत तथ्यों से जनता को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता के अंत में विधायक ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।