*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंच परिवर्तन की विचार धारा से देश विश्व गुरु के शिखर पर होगा*
*पंच परिवर्तन का कार्य राष्ट्रधर्म है एवं यहीं युग धर्म है*_ *दीपक सिंह ठाकुर*
*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर संघ ने सात कार्यक्रम निश्चित करके समाज निर्माण की दिशा में अग्रसर हुआ है हिन्दू सम्मलेन जो कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत तृतीय कार्य है । जिसको लेकर सर्व हिन्दू समाज रिसाई पारा बस्ती धमतरी नगर द्वारा रविवार को हिन्दू सम्मलेन का आयोजन रखा गया जिसमें मुख्य वक्ता दीपक सिंह ठाकुर हिन्दू जागरण मंच प्रांत युवा आयाम ने मंच को संबोधित करते हुए कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना है , तथा भारत वर्ष के प्रत्येक समाज एवं निवासरत व्यक्तियों के हृदय में हिंदुत्व की विचार धारा का बीज बोना अथवा अंकुरण करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए समाज में संघ की विचार धारा पंच परिवर्तन समाजिक समरसता,जिसमें ऊंच नीच स्पृश्य अस्पृश्य जाति भेद जन्म आधारित भेदभाव से ऊपर उठना पर्यावरण संरक्षण,को लेकर अपनी जीवन शैली और उसमें व्यक्तिगत ,परिवारिक एवं राष्ट्रीय दृष्टि समाहित कर दैनंदिन व्यवहार करने की आवश्यकता है । कुटुंब प्रबोधन से हिन्दू परिवार में हिन्दू विचार एवं जीवन शैली , मधुर संवाद,परिवारिक संस्था,मातृशक्ति का सम्मान, उपरोक्त व्यवहार आदर्श हिन्दू परिवार समाज को देखने मिलेगा स्व आधारित जीवन से आत्मनिर्भरता स्वाभिमान,स्वभाषा , स्वभूषा,स्व संस्कृति का आचरण करना ,भजन ,भोजन,भवन, भ्रमण का ध्यान रखना ,हस्ताक्षर अपनी भाषा में करना,राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक प्रतीक का सम्मान नागरिक कर्तव्य बोध अथवा नागरिक शिष्टाचार लोकतांत्रिक कर्तव्य ,सामूहिक स्वभाव,जागृत नागरिक ,समाजिक दायित्व,के अंतर्गत संविधान की मूल्यों का पालन करना संस्थाओं का सम्मान करना,भारत की एकता अखंडता ,संप्रभुता और सुरक्षा की प्रति जागरूक रहना,मतदान , यातायात के नीतियों का पालन करना सार्वजनिक संपति को नुकसान न करे व सभी प्रकार से उसे सुरक्षित रखे समाज परिवर्तन के कार्य धर्म स्थापना के कार्य है ।इन्हें करने का हमें संकल्प लेना होगा,पंच परिवर्तन के द्वारा समाज परिवर्तन का यह कार्य राष्ट्र धर्म है, यहीं युगधर्म है*। उपरोक्त युवा सम्मेलन में वार्ड के पार्षद मदन नेवरे, रूपचंद नागवानी, लक्ष्मण गौतम, अमरदीप महाजन, विजय ठाकुर, सागर निर्मलकर, रूपेश निर्मलकर, रूपा निर्मलकर सहित अनेक वार्डवासी एवं मातृशक्ति उपस्थित थे।