दिव्यांग बच्चों के साथ मानवीय संवेदना का अनुपम उदाहरण
माननीय विधायक रोहित साहू ने राजिम कुंभ मेला के मीना बाजार में बच्चों संग बिताए आनंद के पल
राजिम।
छत्तीसगढ़ के पावन राजिम कुंभ कल्प मेला के दौरान माननीय विधायक रोहित साहू ने मानवीय संवेदना, करुणा और समावेशिता का सुंदर संदेश दिया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ राजिम कुंभ मेला के मीना बाजार में पहुंचकर मेले का आनंद लिया और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।
मीना बाजार की रौनक, रंग-बिरंगी दुकानों, खिलौनों, झूलों और लोकसंस्कृति से सजे वातावरण में विधायक साहू बच्चों के साथ घुल-मिलकर चलते नजर आए। कभी बच्चों का हाथ थामे, तो कभी उनके साथ झूलों का आनंद लेते हुए, उन्होंने यह सिद्ध किया कि जनप्रतिनिधि केवल मंचों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ खड़े होते हैं।
इस अवसर पर साहू ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनके सपनों और रुचियों को जाना तथा उन्हें स्नेहपूर्वक प्रोत्साहित किया। बच्चों के चेहरों पर दिखती खुशी और उत्साह ने माहौल को भावुक बना दिया। अभिभावकों और उपस्थित जनसमुदाय ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संवेदनशील नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण बताया।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि “दिव्यांग बच्चे समाज की शक्ति हैं। उन्हें समान अवसर, सम्मान और प्रेम मिलना चाहिए। ऐसे आयोजनों में उनकी भागीदारी हमारे सामाजिक दायित्व की याद दिलाती है।” उन्होंने भविष्य में भी ऐसे समावेशी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया।
राजिम कुंभ मेला जहां आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, वहीं इस मानवीय पहल ने मेले को सामाजिक संवेदना का भी मंच बना दिया। विधायक रोहित साहू की यह पहल न केवल दिव्यांग बच्चों के लिए यादगार रही, बल्कि समाज को समानता, करुणा और सहभागिता का संदेश देकर एक नई दिशा भी दे गई।