जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ सीजन से पहले आधुनिक कृषि, जैविक खेती, मृदा परीक्षण, और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र धमतरी के मत्स्य वैज्ञानिक मनीषा खापर्डे ने किसानों से कृषि के साथ साथ मछली पालन एवं मछली में होने वाले बीमारियों की रोकथाम की जानकारी दी। मत्स्य विभाग से प्रियंका ध्रुव ने मछली पालन से संबंधित योजनाओं के बारे बताया। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चेस कुमार सार्वा ने हरी खाद, बायो फर्टिलाइजर, वर्मी कम्पोस्ट उपयोग एवं निर्माण की जानकारी दी। रासायनिक खाद के ज्यादा उपयोग से नुकसान बताया। कृषि विकास अधिकारी बसंती नेताम ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग,फायदे, सही तरीका बताया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संतोष नेताम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, नील-हरित काई पर जानकारी समेत दूसरी शासकीय योजनाओं की जानकारी दी एवं किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की। उद्यानिकी विभाग से चोखे लाल ने वर्तमान में चले रहे योजनाओं के बारे में बताया। पूरन साहू ने फसल बीमा और पशु बीमा के बारे बताया। लोकेश्वर सिन्हा ( किसान उत्पादक संगठन) ने 17% नमक घोल से बीज उपचार विधि एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य खरीफ सीजन के पहले किसानों को कृषि तकनीक की जानकारी देना, प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर जोर, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, किसानों की समस्याओं का समाधान करना है।