पूर्व मंत्री के क्षेत्र के पूर्व अपराधी रेत माफिया सक्रिय, पिटपास नहीं हुवा जारी, लेकिन उत्खनन जोरो पर
धमतरी -धमतरी में अवैध रेत खनन बड़ा मसला बन गई है. रेत की धड़ल्ले से हो रही तस्करी से नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है जो कि चिंता का विषय है.
धमतरी जिले में एक बार फिर पूर्व मंत्री के क्षेत्र के पूर्व अपराधी रेत माफिया की सक्रियता चरम पर पहुंच गई है. तस्कर बेखौफ होकर न केवल नदियों को खोखला कर रहे हैं. बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में बिना पिटपास के रेत ढो रहे हैं.
बात करे सोनेवारा रेत खदान की जिसकी कागजी पक्रिया चल रही है अभी तक पिटपास जारी नहीं किया गया है लेकिन, रेत माफिया सफ़ेद पोस नेताओं के संरक्षण और जिला प्रशासन की मिलीभगत से लगातार एक महीने से रेत खनन किया जा रहा है,
बिना लागत रेत तस्करी में मोटी कमाई होने के कारण तस्करों ने बड़ी संख्या चैन माउन्ट व हाइवा गाड़िया लगाया गया है,. नदियों से जेसीबी से रेत का खनन किया जा रहा है. नदियों के लगातार बिगड़ते स्वरूप से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है लेकिन दबंगों के भय से नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि लम्बे समय से बेखौफ चल रहे अवैध उत्खनन और परिवहन के विरूद्ध कई बार खनिज निरीक्षक एवं जिला खनिज अधिकारी को फोन लगाया, लेकिन अधिकारियों ने कभी भी फोन रिसीव नहीं किया. ग्रामीण कई बार जिला कार्यालय भी पहुंचे लेकिन अधिकारी नहीं मिले. ग्रामीण फिर यह मानकर बैठ गए कि विभाग की सहमति से यह सबकुछ हो रहा होगा.
एनजीटी के निर्देशों की अवहेलनानेशनल ग्रीन ड्रिव्यूनल के निर्देश के तहत शासन द्वारा बरसात के दौरान नदी और नालों से रेत उत्खनन पर रोक लगाई गई है. निर्देश के परिपालन में विभाग इस अवधि में पिटपास जारी नहीं करता, लेकिन अवैध उत्खनन और परिवहन की खुली छूट दे देता है. उधर, विभाग की छूट से न केवल रेत का धड़ल्ले से अवैध उत्खनन हो रहा है बल्कि रेत का अवैध भंडारण भी किया जा रहा है.