गुमशुदगी दर्ज होने के महीनों बाद भी नहीं मिला सुराग, पति का दावा– पत्नी दूसरे युवक के साथ रह रही है; बैंक और जनपद पंचायत की कार्रवाई से बढ़ी परेशानी
धमतरी।
धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम श्यामतराई निवासी पितेश्वर साहू ने अपनी पत्नी पुष्पा साहू के लापता होने के मामले में पुलिस एवं प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को आवेदन सौंपकर पत्नी की शीघ्र तलाश, कथित रूप से साथ ले जाए गए नकद रुपये एवं जेवर की बरामदगी तथा बैंक एवं सरकारी विभागों द्वारा हो रही कार्रवाई से राहत दिलाने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, पितेश्वर साहू की पत्नी पुष्पा साहू, जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं, 23 मार्च 2026 से घर से लापता हैं। घटना के बाद अर्जुनी थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। आवेदक का आरोप है कि उनकी पत्नी ग्राम अर्जुनी निवासी एक युवक के साथ चली गई है और वर्तमान में उसी के साथ रह रही है। उन्होंने संबंधित युवक की जानकारी और मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराने का दावा किया है। इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
आवेदक ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत हुआ था, जिसकी अंतिम किस्त के रूप में लगभग ₹1.50 लाख हितग्राही के खाते में जारी किए गए थे। पत्नी के घर छोड़कर चले जाने के कारण आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके बाद जनपद पंचायत धमतरी द्वारा निर्माण शुरू करने के लिए नोटिस जारी किए गए, जिससे परिवार की परेशानी और बढ़ गई है।
पितेश्वर साहू का यह भी आरोप है कि उनकी पत्नी ने अपने नाम पर ग्राम शक्ति बैंक से ₹35 हजार तथा बंधन बैंक से ₹5 हजार, कुल ₹40 हजार का ऋण लिया था। पत्नी के लापता होने के बाद अब दोनों बैंक ऋण की वसूली के लिए परिवार पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि ऋण उन्होंने नहीं लिया, फिर भी उनसे किश्त जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पत्नी घर छोड़ते समय लगभग ₹1.50 लाख नकद, सोने-चांदी के जेवर, महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं अन्य घरेलू सामान भी अपने साथ ले गई। इससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। आवेदक का कहना है कि उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी, लेकिन चोरी अथवा अन्य संबंधित धाराओं में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
दस्तावेजों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से आवेदक को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। हालांकि, पितेश्वर साहू का आरोप है कि लगातार आवेदन देने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद मामले का संतोषजनक निराकरण नहीं हो सका है।
पीड़ित ने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की है कि उनकी पत्नी की शीघ्र तलाश कराई जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित रूप से साथ ले जाए गए नकद रुपये और जेवर की बरामदगी कराई जाए तथा बैंक ऋण और प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। महिला अथवा अन्य संबंधित पक्ष का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए समाचार में उल्लिखित आरोप आवेदक के आवेदन पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच एवं संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।