खसरा नंबर 428/1 और 428/3 पर प्रस्तावित निर्माण निरस्त करने की मांग, पंचायत की भूमि वापस सौंपने और रुद्री को नगर निगम में शामिल नहीं करने की उठी आवाज
20 से 25 वर्षों से व्यवसाय कर रहे स्थानीय व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होने की जताई आशंका, सात दिनों के भीतर निर्णय नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
धमतरी, 3 नवंबर 2026। धमतरी जिले की ग्राम पंचायत रुद्री में प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। ग्राम पंचायत रुद्री और ग्राम विकास समिति रुद्री ने संयुक्त रूप से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी धमतरी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित निर्माण कार्य निरस्त करने, संबंधित भूमि ग्राम पंचायत को वापस सौंपने तथा ग्राम पंचायत रुद्री को नगर निगम में शामिल नहीं किए जाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत रुद्री अंतर्गत खसरा नंबर 428/1 की भूमि पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तथा खसरा नंबर 428/3 पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण प्रस्तावित है। इन प्रस्तावों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
### पंचायत की भूमि वापस सौंपने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत रुद्री की जनसंख्या पहले से ही काफी अधिक है तथा भविष्य में सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कार्यों के विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता होगी। ऐसे में पंचायत क्षेत्र की भूमि का उपयोग हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए किए जाने से भविष्य में ग्राम पंचायत के विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि खसरा नंबर 428/1 पर प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तथा खसरा नंबर 428/3 पर प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स निर्माण को निरस्त किया जाए। साथ ही उक्त भूमि को ग्राम पंचायत रुद्री के अधीन वापस सौंपकर पंचायत को हस्तांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप सार्वजनिक सुविधाओं एवं विकास कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जा सके।
### 20 से 25 वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
ज्ञापन में स्थानीय व्यापारियों की आजीविका का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। ग्राम पंचायत और विकास समिति के अनुसार रुद्री चौक क्षेत्र में अनेक स्थानीय व्यापारी पिछले 20 से 25 वर्षों से अपना व्यवसाय संचालित कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण के कारण व्यापारियों की दुकानें और रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है। इससे लंबे समय से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स निर्माण एवं दुकानों की निविदा प्रक्रिया निरस्त की जाए। साथ ही प्रभावित पुराने दुकानदारों को उचित व्यवस्थापन उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके व्यवसाय एवं आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
### रुद्री को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव का भी विरोध
ग्राम पंचायत और विकास समिति ने रुद्री को नगर निगम में शामिल किए जाने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत रुद्री का स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखा जाना चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत रुद्री को नगर निगम में शामिल करने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए तथा रुद्री को पूर्ववत स्वतंत्र ग्राम पंचायत के रूप में ही संचालित रखा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत का स्वतंत्र अस्तित्व बने रहने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, जनसुविधाओं और पंचायत से जुड़े निर्णयों में ग्रामीणों की भागीदारी बनी रहेगी।
### सात दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति ने कलेक्टर से तीनों मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर सात दिनों के भीतर उचित निर्णय लेने एवं लिखित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ग्राम पंचायत रुद्री एवं समस्त स्थानीय नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से उग्र विरोध प्रदर्शन एवं चक्काजाम सहित आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन एवं संबंधित प्रशासन की होगी।
### पंचायत पदाधिकारियों और विकास समिति ने संयुक्त रूप से उठाई आवाज
इस संबंध में ग्राम पंचायत रुद्री के सरपंच लक्ष्मी बघेल एवं उपसरपंच शुभम साहू की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। वहीं ग्राम विकास समिति रुद्री के अध्यक्ष केशव राम साहू और सचिव श्यामलाल यादव के हस्ताक्षर भी ज्ञापन में दर्ज हैं।
ग्राम पंचायत के पंचों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रस्तावित निर्माण एवं नगर निगम में शामिल किए जाने के मुद्दे पर अपनी आपत्ति जताई है।
### प्रशासन के निर्णय पर टिकी ग्रामीणों की नजर
रुद्री में प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण और नगर निगम में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को लेकर उठे विरोध के बाद अब प्रशासन के आगामी निर्णय पर ग्रामीणों और व्यापारियों की नजरें टिकी हुई हैं।
एक ओर प्रस्तावित निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने पंचायत भूमि और आजीविका से जुड़े सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत का स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने की मांग भी सामने आई है।
फिलहाल ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रस्तावित परियोजनाओं की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और क्या सात दिनों के भीतर कोई समाधान निकल पाता है, या फिर रुद्री में यह विरोध आंदोलन का रूप लेता है।