कल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (मामा) का धमतरी आगमन हो रहा है और उनका फायदा शहर को पहले ही मिलने लगा है।
कम से कम मामा के आने से हमारी सड़कों में अचानक लीपापोती शुरू हो गई, रास्ते साफ-सुथरे दिखने लगे और महीनों से जमी गंदगी व नालियों की सफाई जादू की तरह चालू हो गई।
ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन को शहर की याद तभी आती है,
जब कोई केंद्रीय मंत्री आने वाला हो।
मैं तो विनम्र आग्रह करूंगा –
हर महीने कोई न कोई केंद्रीय स्तर का नेता धमतरी जरूर आए।
क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार के स्थानीय नेताओं की सुनवाई तो प्रशासन वैसे भी नहीं करता,
लेकिन “मामा” के आने पर अचानक नगर निगम, PWD, कृषि विभाग और बाकी विभागों को अपनी जिम्मेदारी याद आ गई है।
मामा को फुटपाथ पर ठेले न दिखें, इसलिए ब्रम्ह चौक में ठेले वालों को हटवा दिया गया।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ —
खिलाड़ियों का एकमात्र मैदान पिछले 8 दिन से प्रशासन के कब्जे में बंद पड़ा है,
जिसका दुख हर खिलाड़ी महसूस कर रहा है।
हजारों युवा मामा को देखने उत्सुक हैं,
लेकिन प्रशासन की फील्डिंग अभी से इतनी “टाइट” है
कि कहीं शहर की हकीकत उनके सामने न आ जाए।
साफ दिख रहा है—
सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल की भारी कमी है।
ऊपर से सब कुछ ठीक दिखाने की कोशिश होती है,
लेकिन असल में चीजें बिल्कुल ठीक नहीं हैं।
और मेरा व्यक्तिगत अनुभव—
सरकार चाहती है विपक्ष से बात हो, मुद्दे समझे जाएँ,
लेकिन प्रशासन को डर होता है कि
कहीं मंत्री के सामने उनकी पोल न खुल जाए।
इसी डर से मंत्री के आने से पहले ही
विपक्ष के कार्यकर्ताओं को नज़रबंद या गिरफ्तार कर दिया जाता है।
खैर—
मामा किसान सम्मान निधि देने आ रहे हैं,
उनका स्वागत है।
लेकिन मामा से एक छोटा अनुरोध है—
धमतरी प्रशासन और उसे चलाने वाले लोगों को थोड़ा “टाइट” करके जाएँ
हमारा जिला कृषि प्रधान है — किसान किसी भी प्रकार की तकलीफ न झेलें
और जाते-जाते छत्तीसगढ़ के किसानों का दो साल का लंबित बोनस,
जो रमन सिंह जी के कार्यकाल का बकाया है,
उसे देने की घोषणा भी कर दें।
यही एक सच्चा “सम्मान” होगा…
किसानों के लिए भी, और धमतरी के लिए भी।
बिजली बिल के बारे में कुछ नई कहना.......
काश हमारे शहर में मामा का रोड शो होता तो हमारा धमतरी चमकने लगता....