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128 वर्षों की विरासत: सिहावा थाना में नवरात्रि पूजा के साथ आस्था और इतिहास का अनूठा संगम

128 वर्षों की विरासत: सिहावा थाना में नवरात्रि पूजा के साथ आस्था और इतिहास का अनूठा संगम
धमतरी। जिले के सिहावा थाना परिसर में स्थित मां खंभेश्वरी देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर महाअष्टमी के दिन भव्य और विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना स्टाफ द्वारा हवन-पूजन कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। परंपरा अनुसार नव कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनका पूजन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया।

सिहावा थाना परिसर में स्थित मां खंभेश्वरी देवी का यह मंदिर क्षेत्र की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां की सबसे विशेष बात यह है कि मां की पूजा प्रतिदिन स्वयं पुलिसकर्मियों द्वारा की जाती है। वर्षों से चली आ रही मान्यता के अनुसार मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा को किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा स्पर्श करना वर्जित है, जिसे सभी श्रद्धालु पूर्ण आस्था के साथ मानते हैं।
हर वर्ष चैत्र और कुंवार (आश्विन) नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजन-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक थाना परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहता है, जिसमें पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ भक्ति में भी पूरी निष्ठा से जुटे रहते हैं। महाअष्टमी के अवसर पर आयोजित हवन और कन्या भोज इस परंपरा का प्रमुख हिस्सा है।
मंदिर से थाना बनने तक का अनोखा इतिहास
सिहावा थाना का इतिहास भी उतना ही रोचक और गौरवपूर्ण है। बताया जाता है कि यह स्थल मूल रूप से एक मंदिर था। ब्रिटिश शासनकाल में सिहावा क्षेत्र से रेलवे के लिए साल लकड़ी के स्लीपरों की आपूर्ति की जाती थी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अंग्रेजों ने वर्ष 1898 में यहां थाना स्थापित किया और 1903 में थाना भवन का निर्माण कराया।
हालांकि, स्थानीय लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर को उसी स्वरूप में बनाए रखा गया। यही वजह है कि आज भी थाना परिसर में मंदिर सुरक्षित रूप से मौजूद है और पूजा-अर्चना की परंपरा निरंतर जारी है। यह थाना छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक थानों में गिना जाता है।
आस्था और कर्तव्य का अनूठा संगम
थाना प्रभारी निरीक्षक शरद ताम्रकार ने बताया कि उन्होंने अपने सेवाकाल में ऐसा थाना कहीं नहीं देखा। उनके अनुसार, यहां काम करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। मां खंभेश्वरी देवी की कृपा से थाना परिसर में एक सकारात्मक और शांत वातावरण बना रहता है।
सिहावा थाना आज एक ऐसा उदाहरण बन गया है, जहां इतिहास, आस्था और कर्तव्य एक साथ जीवंत रूप में दिखाई देते हैं। 128 वर्षों की यह विरासत न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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