*तालीम के मंदिर में दरिंदगी…!*
*गुरु के चेहरे में छुपा गुनहगार*
*मासूमियत पर वार, और जिम्मेदार खामोश!*
धमतरी - जहाँ शिक्षा से इंसानियत पैदा होती है, जहाँ एक शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है.... वहीं अगर वही शख्स हवस और हैवानियत का चेहरा बन जाए, तो सिर्फ एक बच्ची नहीं, पूरी तालीमी व्यवस्था शर्मसार हो जाती है.... धमतरी जिले से सामने आया यह मामला किसी एक घटना की कहानी नहीं..... बल्कि उन दबी हुई सिसकियों की गूंज है, जो अब खामोशी तोड़ने को बेताब हैं....
दरअसल एक शासकीय माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं.... लिखित शिकायत में यह साफ कहा गया है कि आरोपी लंबे समय से छात्रा के साथ गंदी हरकतें और अश्लील बर्ताव करता आ रहा था..... मगर हर बार… सच को दबाया गया, दर्द को छुपाया गया, और आवाज़ को कुचला गया..... वही हिम्मत जुटाकर जब छात्राओं ने अपनी बात शिक्षकों, शाला प्रबंधन समिति, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम प्रमुखों तक पहुंचाई..... तब उम्मीद थी कि इंसाफ मिलेगा..... लेकिन यहाँ भी न्याय नहीं, नाटक हुआ! थाने तक बात ले जाने के बजाय, स्कूल के भीतर ही मीटिंग का मुखौटा पहनाकर मामले को ऊपर भेजने की औपचारिकता पूरी कर दी गई..... दिन गुजरते रहे… और इंसाफ फाइलों में उलझता रहा...... 5 दिन बाद जब जिला शिक्षा अधिकारी से सवाल किया गया, तो उन्होंने भी तत्काल पुलिस को सूचना देने के बजाय जांच का जिम्मा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया..... यानी एक बार फिर कार्रवाई नहीं, प्रक्रिया का जाल बिछाया गया
*सबसे दर्दनाक पहलू *
शिकायत करने वाली छात्राओं और उनके परिजनों को हिम्मत देने के बजाय, उन्हें डराया और दबाया जा रहा है.... कहा जा रहा है कि गांव और स्कूल की इज्जत खराब हो जाएगी..... यानी इज्जत बचाने के नाम पर, बेटियों की इज्जत दांव पर लगा दी गई! और यह कोई पहली बार नहीं.... सूत्र बताते हैं कि आरोपी शिक्षक पहले भी ऐसी हरकतों में शामिल रहा है, मगर हर बार मामला रफा-दफा कर दिया गया..... यही वजह है कि आज उसका हौसला बेलगाम हो चुका है.... और शिकायतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
*अब सवाल जिम्मेदारो से *
_क्या ऐसे कलयुगी शिक्षक को तुरंत बर्खास्त किया जायेगा... ? या फिर एक बार फिर फाइलों में दबाकर मामला ठंडा कर दिया जाएगा... ?_
_क्या पुलिस पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करेगी.....? या इस बार भी खामोशी ही फैसला बन जाएगी... ? क्या बेटियों की चीखों को इंसाफ मिलेगा.... ? या इज्जत के नाम पर सच को फिर दफना दिया जाएगा....?_
*मुख्यमंत्री से जनता की गुहार है —*
_ऐसे दरिंदों पर फौरन कड़ी कार्रवाई हो, ताकि समाज को यह साफ संदेश मिले कि गुरु की आड़ में छुपे किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा... क्योंकि अगर आज भी ये आवाज़ दब गई, तो कल फिर कोई मासूम खामोश कर दी जाएगी.... और तब सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि पूरा समाज जुर्म में बराबर का भागीदार माना जाएगा।_