धमतरी: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा की विस्तृत प्रेस वार्ता, महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण पर जोर
धमतरी। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी, पूर्व महापौर अर्चना चौबे एवं जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस ने विषय रखते हुए अधिनियम के ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब देश की आधी आबादी—महिलाओं—को नीति-निर्माण में बराबरी का अवसर मिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में सशक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करना है।
प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से महिलाएं राजनीतिक प्रतिनिधित्व की प्रतीक्षा कर रही थीं, और अब यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की माताओं, बहनों और बेटियों के उत्थान के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा तथा उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर देगा।
पूर्व महापौर अर्चना चौबे ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है, लेकिन उन्हें राजनीतिक मंच पर पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को गांव से लेकर संसद तक अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे समाज में समानता और संतुलन को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।
जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी बनाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस विषय को घर-घर तक पहुंचाकर महिलाओं को जागरूक करें।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1996 में महिला आरक्षण विधेयक पहली बार प्रस्तुत किया गया था, लेकिन लंबे समय तक यह विभिन्न कारणों से लंबित रहा। 1998 से 2003 के बीच इसे पारित कराने के कई प्रयास हुए, किन्तु विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों के चलते सफलता नहीं मिल सकी। 2010 में राज्यसभा से इसे पारित किया गया, परंतु लोकसभा में यह आगे नहीं बढ़ पाया। इस प्रकार, वर्षों तक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का यह महत्वपूर्ण विषय अधूरा ही रहा।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस ऐतिहासिक पहल को साकार करते हुए महिलाओं को उनका अधिकार देने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज से पहले ग्रामीण स्तर पर पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर यह अवसर सीमित था। अब यह अधिनियम उस कमी को पूरा करेगा।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि वर्ष 2014 से पहले देश की महिलाओं को अनेक मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता था, जैसे शौचालय, गैस कनेक्शन, बैंकिंग सुविधाएं आदि। पिछले वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं, जिससे महिलाओं के जीवन स्तर में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। अब राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से उन्हें निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और अधिकारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। यह अधिनियम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा।
कार्यक्रम के अंत में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनीता यादव ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश शर्मा, महामंत्री राकेश साहू, महेंद्र पंडित, कोषाध्यक्ष चेतन हिंदुजा, जनपद अध्यक्ष अंगिरा ध्रुव, निगम सभापति कौशल्या देवांगन, महामंत्री प्रियंका सिन्हा, सुशीला तिवारी, पूजा कुंजाम, टिकेश्वरी साहू, गंगरेल मंडल अध्यक्ष पवित्र दीवान, जिला कार्यालय मंत्री विजय साहू, राजीव सिन्हा, महेंद्र खंडेलवाल, जितेश सिन्हा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शुभांक मिश्रा, राघवेन्द्र साहू एवं मिश्रीलाल पटेल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यह सूचना उमेश साहू द्वारा दी गई।