धमतरी। हिन्दू जागरण मंच धमतरी द्वारा मध्यप्रदेश के 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अपर जिलाधीश धमतरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मंच ने मांग की कि प्रकरण के सभी तथ्यों का संवेदनशीलता एवं न्यायोचित दृष्टिकोण से पुनर्विचार किया जाए तथा उपलब्ध संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत राहत प्रदान करने पर विचार किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को श्रद्धा, सेवा और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था गौ माता से जुड़ी हुई है। ऐसे में गौ संरक्षण के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों से जुड़े मामलों पर निर्णय लेते समय न्याय, कानून और सामाजिक भावनाओं के संतुलन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हिन्दू जागरण मंच ने कहा कि गौ रक्षा का विषय केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व का भी विषय है। यदि गौ संरक्षण के लिए कार्य करने वाले लोगों को कठोर दंड मिलता है, तो इससे समाज के एक बड़े वर्ग में चिंता और निराशा का वातावरण बन सकता है। मंच ने आग्रह किया कि मामले में उपलब्ध सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पुनः परीक्षण कर उचित निर्णय लिया जाए।
मंच पदाधिकारियों ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका, कार्यपालिका और शासन के सभी अंगों का सम्मान सर्वोपरि है। इसी विश्वास के साथ राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि वे इस मामले पर संवेदनशीलतापूर्वक संज्ञान लें तथा न्याय एवं मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने का प्रयास करें।
हिन्दू जागरण मंच ने देशभर के गौभक्तों, सामाजिक संगठनों एवं सनातन समाज से भी गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण माध्यमों से अपनी बात रखने का आह्वान किया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक पुरुषोत्तम निषाद, जिला सहसंयोजक चित्रेश साहू, डाकेश्वर साहू, प्रतीक सोनी,सनत साहू जिला युवा आयाम प्रमुख सत्यम सिन्हा, नगर संयोजक अभिषेक साहू, नगर सहसंयोजक संजय साहू, युवा आयाम देवराज परिहार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति की पहचान है, इसलिए इस विषय से जुड़े मामलों पर न्याय के साथ-साथ सामाजिक संवेदनाओं का भी सम्मान होना चाहिए।"