*विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, मिड-डे मील एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण*
*"काक चेष्टा, बको ध्यानम्, श्वान निद्रा" के सूत्रों से विद्यार्थियों को बताया सफलता का मंत्र, मोबाइल व नशे से दूर रहकर लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की दी सीख*
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पीएमश्री योजना के अंतर्गत नियुक्त राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार ने विकासखंड मगरलोड स्थित पीएम श्री स्कूल भैंसमुंडी का विस्तृत निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, अनुशासनात्मक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति, ड्रॉपआउट रेशियो, परीक्षा परिणाम, छात्र-छात्राओं के शौचालयों की स्वच्छता, सेनेटरी डिस्पेंसर तथा मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता एवं रसोई व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण उपरांत आयोजित संवादात्मक सत्र में श्री परिहार ने विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा करते हुए अनुशासन, संस्कार, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन एवं कठिन परिश्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन ही भविष्य निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था है, जिसमें अर्जित ज्ञान, सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास व्यक्ति को जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, समय का सदुपयोग करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसिद्ध श्लोक "काक चेष्टा, बको ध्यानम्, श्वान निद्रा तथैव च..." का सरल भावार्थ समझाते हुए बताया कि एक आदर्श विद्यार्थी में कौए जैसी जिज्ञासा, बगुले जैसी एकाग्रता, श्वान जैसी सतर्कता, संयमित जीवनशैली तथा कठिन परिस्थितियों में भी सीखने की ललक होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल एवं सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने, इंटरनेट का उपयोग केवल शिक्षा एवं ज्ञानवर्धन के लिए करने, नशा, साइबर अपराध एवं अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी। साथ ही सामान्य ज्ञान एवं जीवन मूल्यों से जुड़े प्रश्न पूछकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, पुलिस अधिकारी, सैनिक एवं प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश सेवा करने की अपनी आकांक्षाएं भी साझा कीं। इस पर श्री परिहार ने कहा कि "कोई भी लक्ष्य कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। दृढ़ संकल्प, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ हर मंजिल प्राप्त की जा सकती है।" उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ नया सीखने, पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास करने का संदेश दिया।
विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए प्रेरक मार्गदर्शन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया। यह निरीक्षण एवं संवाद पीएमश्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने वाला एक प्रेरणास्पद एवं अनुकरणीय प्रयास सिद्ध हुआ।