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*कलेक्टर की पहल पर समस्या से समाधान की दिशा में बढ़े कदम: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के 34 गांवों की मूलभूत समस्याओं पर बनी कार्ययोजना*


*सड़क, पुल-पुलिया बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास पर प्रशासन, जनप्रतिनिधियों व संघर्ष समिति के बीच हुई सार्थक चर्चा*
धमतरी, 03 जुलाई 2026/ उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 34 प्रभावित गांवों की वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगरी जनपद पंचायत सभाकक्ष में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन तथा पर्यटन विकास जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
      बैठक में संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्रवासी पिछले दो से तीन दशकों से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। इस पर कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि प्रशासन भी चाहता है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें। हालांकि वन एवं न्यायालय से जुड़े कुछ कानूनी प्रावधानों के कारण कार्यों में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को तत्काल किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
      कलेक्टर ने बताया कि अरसीकन्हार-रिसगांव सड़क निर्माण के प्रयास जारी हैं तथा बेलरगांव-बोरई सड़क स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जिन गांवों का संपर्क टूट जाता है, वहां पहले पुल और पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल सके। स्टील ब्रिज सहित छोटे पुलों के निर्माण को भी प्राथमिकता में रखा जाएगा।
      बैठक में विधायक सिहावा  अंबिका मरकाम ने कहा कि उदंती-सीतानदी क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले लोगों के विकास और उनके संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विधायक ने प्रशासन से विकास कार्यों में तेजी लाने, ग्रामीणों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा वन संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया।
      उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डीएफओ  वरुण जैन ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कोर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थायी पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की सहमति और नियमानुसार कच्ची सड़कों का निर्माण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है, इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
सौर ऊर्जा से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
        बैठक में क्रेडा अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 19 गांव सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत हैं। पहले 30 वाट क्षमता की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 700 वाट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और उसे स्वीकृति भी मिल गई है। जिन गांवों में सोलर प्लांट की बैटरियां खराब थीं, उन्हें बदला जा चुका है। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी गांवों का पुनः सर्वे कर आवश्यकतानुसार बैटरियां बदलने के निर्देश दिए।
आवास निर्माण में प्रशासन देगा पूरा सहयोग
     जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गजेन्द्र ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में बेहतर कार्य हुआ है तथा वन क्षेत्रों में भी कई आवास बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के परिवहन में प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग दिया गया है और शासन से निर्देश मिलते ही शेष पात्र हितग्राहियों को भी आवास स्वीकृत किए जाएंगे।
एक वर्ष में शुरू होगा रिसगांव छात्रावास
       कलेक्टर ने बताया कि रिसगांव में छात्रावास तथा लीलांज में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण जारी है। रिसगांव छात्रावास को एक वर्ष के भीतर प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी 34 गांवों की प्राथमिक आवश्यकताओं के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराकर विकास कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। कलेक्टर ंने बताया कि शासन की नई वीबीजी रामजी योजना के माध्यम से गांवों की प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्य कराए जाएंगे और इसके लिए ग्राम स्तर से प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
      जिला पंचायत अध्यक्ष  अरुण सार्वा ने कहा कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं और संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सड़क और पुल निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने जानकारी दी कि पीएम जनमन योजना के तहत जिले में लगभग 100 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है तथा बेलरगांव और बोरई में दो नए पुलों का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा।
     वनग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग पर कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा धमतरी जिले में मिला है तथा सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और वन मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराई जाएगी।
पर्यटन बनेगा विकास का नया आधार
          कलेक्टर  मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। मांदागिरी, एकावारी और मेचका जैसे स्थलों को विकसित किया जा रहा है। होमस्टे, स्थानीय गाइड और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रस्तावित महानदी कॉरिडोर बनने से पूरे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में इंटर-स्टेट बस टर्मिनल का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने तथा रिसगांव में आदिवासी बाजार के लिए राशि स्वीकृत होने की भी जानकारी दी गई।
    बैठक में जनपद अध्यक्ष  महेश गोटा, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव,  श्रवण मरकाम, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  शैलेन्द्र पाण्डेय, एसडीएम श्रीमती प्रीति दुर्गम, जनपद पंचायत नगरी के सीईओ श्री रोहित बोरझा, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
क्रमांक-16/492/ अमित

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