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धमतरी जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही थम जाती हैं सुविधाएं: गर्भवती महिलाओं और नवजातों की बढ़ी परेशानी, जनरेटर चालू होने में लग जाता है आधा घंटा, जिम्मेदारों की लापरवाही पर उठे सवाल

धमतरी जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही थम जाती हैं सुविधाएं: गर्भवती महिलाओं और नवजातों की बढ़ी परेशानी, जनरेटर चालू होने में लग जाता है आधा घंटा, जिम्मेदारों की लापरवाही पर उठे सवाल
धमतरी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के गर्भवती महिला वार्ड में बिजली गुल होने के बाद मरीजों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिजली बंद होने के बाद बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर को चालू करने में करीब आधा घंटा तक का समय लग जाता है। इस दौरान वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अत्यधिक गर्मी झेलनी पड़ती है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बिजली जाते ही पंखे और अन्य आवश्यक उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे वार्ड का वातावरण असहनीय हो जाता है। नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्थिति सबसे अधिक प्रभावित होती है। कई बार परिजन हाथ से हवा कर मरीजों को राहत देने का प्रयास करते दिखाई देते हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद समय पर जनरेटर चालू नहीं किया जाता। यदि किसी आपातकालीन स्थिति में बिजली लंबे समय तक बाधित रहे तो मरीजों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवा में इस प्रकार की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली व्यवस्था और वैकल्पिक बैकअप सिस्टम का पूरी तरह सक्रिय रहना अत्यंत आवश्यक है। लेकिन मौजूदा हालात मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल की बिजली बैकअप व्यवस्था की तत्काल जांच कराई जाए, जनरेटर को तुरंत चालू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और अन्य मरीजों को इस प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में बिजली जाने के बाद भी मरीजों को आधे घंटे तक गर्मी में क्यों तड़पना पड़ता है? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का स्थायी समाधान करेंगे या मरीजों की परेशानी यूं ही जारी रहेगी?

anutrickz

"हिंदुत्व टीवी"

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