शिकायत के एक माह बाद न जांच, न FIR: महिला एसपी के कार्यकाल में भी महिला पत्रकार को नहीं मिला न्याय
धमतरी। जिले में एक महिला पत्रकार को कथित रूप से AI तकनीक का उपयोग कर अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दिए जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायत दर्ज होने के लगभग एक माह बाद भी FIR दर्ज नहीं होने के आरोप ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिन्दुत्व टीवी एवं CNEWS भारत न्यूज़ से जुड़ी महिला पत्रकार वेणु साहू ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने उन्हें फोन के माध्यम से धमकी दी और AI तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी अश्लील तस्वीरें एवं वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात कही। शिकायत के अनुसार, संबंधित युवक ने स्वयं को पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का भतीजा अथवा रिश्तेदार भी बताया।
महिला पत्रकार का कहना है कि उन्होंने 21 जुलाई को धमतरी सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक न तो FIR दर्ज की गई है और न ही जांच की स्थिति के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।
यह मामला इसलिए भी अधिक संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक महिला पत्रकार को डिजिटल माध्यम से बदनाम करने और उनकी छवि धूमिल करने की कथित धमकी देने का आरोप लगाया गया है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
महिला पत्रकार ने कहा कि यदि किसी महिला को AI तकनीक के माध्यम से अश्लील सामग्री बनाकर वायरल करने की धमकी दी जाती है, तो यह केवल व्यक्तिगत धमकी का मामला नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ विषय है।
उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि आरोपी ने किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम लेकर प्रभाव डालने का प्रयास किया है, तो उस दावे की भी स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकायतकर्ता एक महिला है और मामला महिला पत्रकार से जुड़ा हुआ है, तो फिर एक माह बाद भी FIR दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू की है? यदि जांच चल रही है, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह भी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है कि आरोपी का उनसे वास्तव में कोई पारिवारिक संबंध है या नहीं।
फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में FIR दर्ज होने अथवा जांच की आधिकारिक स्थिति को लेकर विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, महिला पत्रकार ने मामले में निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की मांग दोहराई है।