लॉज, होटल और किराए के मकानों में ठिकाने होने का दावा, व्हाट्सऐप के जरिए सौदेबाजी की चर्चा; स्थानीय लोगों का आरोप—पांच साल से बड़े स्तर पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई
धमतरी। धमतरी शहर और आसपास के इलाकों में कथित रूप से देह व्यापार का नेटवर्क संचालित होने की चर्चाओं ने पुलिस की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कुछ लॉज, होटल और निजी मकानों को कथित तौर पर इसके लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि कथित नेटवर्क में कुछ लोग बिचौलियों की भूमिका निभाते हैं और दूसरे जिलों से महिलाओं को बुलाकर ग्राहकों से संपर्क कराने का काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार मोबाइल और व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क तथा कथित सौदे तय किए जाने की बात भी कही जा रही है।
पांच साल से कथित रूप से चल रहा नेटवर्क, कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से धमतरी में इस तरह की गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन बड़े स्तर पर कोई प्रभावी और निरंतर कार्रवाई दिखाई नहीं दी। लोगों का आरोप है कि जब कभी कार्रवाई होती भी है तो वह सीमित स्तर तक रह जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लॉज, होटल या किराए के मकानों में इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो संबंधित स्थानों की नियमित जांच और निगरानी क्यों नहीं की जा रही है? क्या पुलिस और प्रशासन के पास ऐसे स्थानों की जानकारी नहीं है या शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही?
दूसरे जिलों से महिलाओं को लाने का भी दावा
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि दूसरे जिलों से महिलाओं को धमतरी लाकर कथित देह व्यापार में शामिल कराया जा रहा है। वहीं, बड़े शहरों में पुलिस की कार्रवाई बढ़ने के बाद छोटे शहरों की ओर ऐसे नेटवर्क के स्थानांतरित होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकती है।
पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
धमतरी को धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण शहर माना जाता है। ऐसे में यदि शहर में संगठित रूप से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं, तो पुलिस प्रशासन के लिए इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। खासकर लॉज, होटल और संदिग्ध किराए के मकानों की जांच के साथ-साथ कथित दलालों की भूमिका की भी पड़ताल किए जाने की मांग उठ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल महिलाओं को पकड़कर कार्रवाई करने के बजाय यदि कोई संगठित नेटवर्क है तो उसके संचालकों, बिचौलियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही, यदि किसी होटल, लॉज या मकान मालिक की संलिप्तता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि धमतरी पुलिस इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कथित नेटवर्क की वास्तविकता सामने लाएगी या मामला केवल छोटी-मोटी कार्रवाई तक सीमित रहेगा? संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।