*शांति समिति के निर्णय की कथित अवहेलना पर हिन्दू जागरण मंच ने उठाए सवाल*
टिकरापारा की प्रार्थना सभा को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच व समयबद्ध कार्रवाई की मांग
धमतरी। धार्मिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था को लेकर अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आयोजित शांति समिति की बैठक में क्रिश्चियन फोरम एवं हिन्दू जागरण मंच सहित संबंधित पक्षों की मौजूदगी में प्रार्थना सभाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी।
हिन्दू जागरण मंच का आरोप है कि बैठक में बनी व्यवस्था के बावजूद 27 सितंबर को टिकरापारा में आलोक मजूमदार द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित कर हिन्दू लोगों को बुलाया गया। मंच ने इसे गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मंच के अनुसार, मौके पर पुलिस के पहुंचने पर संबंधित व्यक्ति द्वारा कथित रूप से कहा गया—“प्रशासन जो भी करना है कर ले, हम अपने हिसाब से काम करेंगे।” मंच ने पुलिस कर्मचारियों के बयान, CCTV एवं मोबाइल वीडियो सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की मांग की है।
इसके साथ ही “प्रभाकर सोनी” नामक कथित Instagram खाते की गतिविधियों की साइबर जांच, संबंधित पोस्ट एवं डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करने तथा वास्तविक संचालक की पहचान किए जाने की मांग भी की गई है। मंच ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणियों और हिन्दू जागरण मंच के जिला सह-संयोजक चित्रेश साहू के साथ कथित गाली-गलौज की भी जांच की मांग की है।
हिन्दू जागरण मंच ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के वैधानिक धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप उसका उद्देश्य नहीं है, लेकिन सभी धार्मिक गतिविधियां संविधान, लागू कानून एवं प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए।
मंच ने कहा कि “कानून सबके लिए समान होना चाहिए।” संगठन ने प्रशासन से शांति समिति की कार्यवाही का परीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच तथा अपराध प्रमाणित होने पर समयबद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।