पत्रकार को AI से अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की कथित धमकी, सिटी कोतवाली में शिकायत देकर FIR की मांग
अजय चंद्राकर का रिश्तेदार होने का दावा करने वाले युवक पर आरोप; अवैध रेत उत्खनन की पड़ताल के बीच बढ़ा विवाद
धमतरी। हिन्दुत्व टीवी एवं CNEWS भारत न्यूज़ के पत्रकार वेणु साहू ने आरोप लगाया है कि ग्राम दोनर निवासी पूनम चंद्राकर नामक युवक ने उन्हें फोन पर धमकी देते हुए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से अश्लील (न्यूड) फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात कही। पत्रकार का दावा है कि यह कॉल बिट्टू चंद्राकर के मोबाइल नंबर से किया गया।
इस मामले को गंभीर बताते हुए पत्रकार वेणु साहू ने सिटी कोतवाली थाना, धमतरी में लिखित शिकायत देकर संबंधित आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।
शिकायत में पत्रकार ने आरोप लगाया है कि कॉल करने वाले युवक ने स्वयं को पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। पत्रकार का कहना है कि पिछले कुछ समय से हिन्दुत्व टीवी द्वारा ग्राम पंचायत दोनर में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़े मामलों की लगातार पड़ताल और समाचार प्रकाशित किए जा रहे थे। इसके बाद से उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे।
पत्रकार के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने उन्हें यह भी जानकारी दी थी कि ग्राम विकास समिति एवं ग्राम पंचायत द्वारा रेत खदान के संचालन को लेकर लगभग 18.60 लाख रुपये में सौदा किए जाने की चर्चा है तथा प्रति ट्रैक्टर 200 से 300 रुपये तक वसूले जाने के आरोप हैं। साथ ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत निकासी कर लाखों रुपये के अवैध कारोबार की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है तथा संबंधित पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो पाया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई भूपेंद्र चंद्राकर के यहां हुई ED की कार्रवाई भी चर्चा में रही थी। अब पत्रकार को कथित धमकी मिलने के आरोपों ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
इस संबंध में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार FIR दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल पत्रकारों की सुरक्षा बल्कि AI तकनीक के कथित दुरुपयोग से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि धमतरी पुलिस और जिला प्रशासन इस शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई करते हैं।