हिन्दुत्व टीवी की खबर का असर: कथित अवैध प्लाटिंग पर जिला प्रशासन की कार्रवाई, जेसीबी से हटाए गए निर्माण व कब्जा
6.50 करोड़ की कृषि भूमि से 18 करोड़ के कारोबार के आरोपों के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
धमतरी। ग्राम पंचायत पोटियाडीह में करोड़ों रुपये की कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग को लेकर हिन्दुत्व टीवी द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद अब जिला प्रशासन की कार्रवाई सामने आई है। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी के माध्यम से कथित अवैध प्लाटिंग में किए गए निर्माण एवं रास्तों को हटाने की कार्रवाई की।
हिन्दुत्व टीवी ने अपनी खबर में पोटियाडीह में लगभग 3.50 एकड़ कृषि भूमि पर कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति प्लॉट काटे जाने, सरकारी भूमि, नाली और जल निकासी प्रभावित होने तथा करीब 50 से अधिक किसानों के खेतों में पानी की समस्या उत्पन्न होने के आरोपों को प्रमुखता से उठाया था।
जेसीबी से हटाए गए कथित अवैध निर्माण
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से मौके पर बनाए गए कच्चे-पक्के रास्तों और अन्य कथित अनधिकृत ढांचों को हटाया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।
6.50 करोड़ की जमीन, 18 करोड़ में बिक्री के आरोप
मामले में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि करीब 3.50 एकड़ कृषि भूमि को लगभग 6.50 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जिसके बाद कथित तौर पर करीब 32 प्लॉट काटकर लगभग 18 करोड़ रुपये में बिक्री किए जाने की तैयारी अथवा बिक्री की गई। इन आर्थिक दावों और जमीन के लेन-देन की वास्तविकता की जांच संबंधित विभागों द्वारा किया जाना बाकी है।
रेरा, टीएनसीपी और पंचायत अनुमति पर उठे थे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्लाटिंग के लिए आवश्यक रेरा, टीएनसीपी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों का पालन नहीं किया गया। ग्राम पंचायत से एनओसी लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
नाली और जल निकासी बाधित होने की शिकायत
ग्रामीण किसानों ने कथित मिट्टी भराई और रास्ते निर्माण के कारण खेतों की जल निकासी प्रभावित होने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि इससे कई किसानों के खेतों में पानी भरने की समस्या पैदा हुई और फसल प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
हिन्दुत्व टीवी की खबर के बाद प्रशासन हरकत में
इस पूरे मामले को हिन्दुत्व टीवी ने लगातार प्रमुखता से उठाया था। खबर के बाद प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई कार्रवाई को स्थानीय लोग महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि भूमि के दस्तावेज, प्लाटिंग की अनुमति, रेरा/टीएनसीपी स्वीकृति, सरकारी भूमि और नाली से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी ग्रामीणों ने की है।
हिन्दुत्व टीवी की खबर का असर — खबर के बाद प्रशासन की जेसीबी कार्रवाई, अब जांच के नतीजे पर सबकी नजर।