धमतरी। जिले में पर्यटन, साहसिक खेल और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रुद्री बांध परिसर में कयाकिंग अकादमी का भव्य शुभारंभ किया गया। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (छत्तीसगढ़) और कर्मा महिला स्व-सहायता समूह, रुद्री के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई यह अकादमी अब जिले के युवाओं और पर्यटकों के लिए जल क्रीड़ा का नया केंद्र बनेगी।
रुद्री बांध की प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम वातावरण को देखते हुए यहां कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों की शुरुआत की गई है। अब पर्यटक मात्र 300 रुपये प्रति घंटे की दर से बोटिंग और कयाकिंग का आनंद ले सकेंगे। इससे कम खर्च में रोमांचक जल क्रीड़ा का अनुभव प्राप्त करना आसान हो जाएगा।
अकादमी के माध्यम से स्थानीय युवाओं को कयाकिंग और अन्य जल क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है। जलाशय की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण को कम करने के लिए बायो क्यूब (बायो-क्यूब) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे जलाशय में दुर्गंध और प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी तथा जल क्रीड़ा स्थलों को अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से रुद्री और गंगरेल क्षेत्र को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में यहां जल पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कयाकिंग न केवल एक रोमांचक खेल है, बल्कि यह शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का अवसर मिलेगा और जिले में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
कयाकिंग अकादमी का संदेश "Paddle Your Way to Adventure – Live Life One Stroke at a Time" युवाओं में साहस, आत्मविश्वास और प्रकृति के प्रति जुड़ाव की भावना को प्रोत्साहित करता है। यह पहल धमतरी जिले में साहसिक पर्यटन, जल क्रीड़ा और स्थानीय रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
मुख्य बिंदु :
- मात्र 300 रुपये प्रति घंटे में बोटिंग और कयाकिंग का आनंद।
- स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर।
- महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी।
- बायो क्यूब तकनीक से जलाशय की गुणवत्ता में सुधार।
- रुद्री और गंगरेल क्षेत्र में इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।