धमतरी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धमतरी कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर लगाए गए "हर घर तिरंगा" अभियान के पोस्टर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पोस्टर में नेताओं की तस्वीरों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है, जबकि भारत माता और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तस्वीरें नजर नहीं आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद करने का पर्व है। ऐसे में पोस्टर में स्वतंत्रता सेनानियों और भारत माता के चित्रों को स्थान नहीं दिया जाना लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है।
लोगों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस से जुड़े पोस्टरों में महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। इसके बजाय पोस्टर में राजनीतिक चेहरों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
इस मामले को लेकर लोगों के बीच विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस संबंध में क्या प्रतिक्रिया देता है और भविष्य में इस प्रकार के पोस्टरों के डिजाइन में क्या बदलाव किए जाते हैं।