कैंसर के इलाज के लिए मेट्रो शहरों की यात्रा की जरूरत कम होगी, स्क्रीनिंग से लेकर निदान, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन तक व्यापक सुविधाएं उपलब्ध
धमतरी, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कैंसर मरीजों के लिए राहत की बड़ी पहल सामने आई है। रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स, रायपुर ने राज्य में कैंसर चिकित्सा को और मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर में रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत की है। संस्थान में कैंसर की स्क्रीनिंग एवं जांच से लेकर बीमारी के निदान, अत्याधुनिक उपचार और उपचार के बाद फॉलो-अप तक की व्यापक ऑन्कोलॉजी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे छत्तीसगढ़ के मरीजों को कैंसर के उपचार के लिए अलग-अलग चरणों में दूसरे मेट्रो शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।
धमतरी में आयोजित प्रेस मीट के दौरान रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स ने कैंसर चिकित्सा को लेकर अपनी आगामी योजनाओं और रायपुर में शुरू किए गए नए कैंसर संस्थान की सुविधाओं की जानकारी दी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह पहल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स की 36 वर्षों की सेवा और प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य में प्रतिदिन करीब 100 नए कैंसर मामलों का अनुमान
प्रेस मीट के दौरान चिकित्सकों ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते कैंसर के मामलों को चिंता का विषय बताया। उपलब्ध अनुमानों के अनुसार राज्य में प्रतिदिन लगभग 100 नए कैंसर के मामले सामने आने का अनुमान है। वर्ष 2025 में राज्य में लगभग 31,553 कैंसर के मामले अनुमानित किए गए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या लगभग 30,763 थी। चिकित्सकों के अनुसार बढ़ते आंकड़े कैंसर के प्रति जागरूकता, रोकथाम, नियमित एवं जोखिम आधारित स्क्रीनिंग और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान के महत्व को रेखांकित करते हैं।
रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने कहा कि कैंसर के बढ़ते बोझ को देखते हुए केवल उपचार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही लोगों को कैंसर के संभावित जोखिम कारकों, रोकथाम, उचित टीकाकरण, स्क्रीनिंग और शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का प्रयास कैंसर की स्क्रीनिंग को समुदायों के और करीब ले जाने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों को छत्तीसगढ़ में ही विशेषज्ञ और उन्नत कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है।
मेट्रो शहरों की यात्रा से मरीजों को मिलेगी राहत
कैंसर के उपचार के दौरान मरीज और उसके परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीमारी की जांच, विशेषज्ञ से परामर्श, सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और उपचार के बाद फॉलो-अप के लिए कई बार मरीजों को बड़े मेट्रो शहरों की ओर जाना पड़ता है। इससे उपचार की लागत के साथ-साथ समय और मानसिक दबाव भी बढ़ता है।
रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट में विभिन्न चरणों की कैंसर चिकित्सा सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। यहां मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा उन्नत डायग्नोस्टिक्स एवं स्टेजिंग, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट तथा उपचार के बाद फॉलो-अप की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
जटिल मामलों में विशेषज्ञों की संयुक्त राय से उपचार योजना
संस्थान में जटिल कैंसर मामलों की समीक्षा के लिए मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक किसी मरीज की बीमारी, कैंसर के प्रकार, स्टेज और उसकी व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचार की उपयुक्त रणनीति पर संयुक्त रूप से विचार कर सकते हैं।
चिकित्सकों के अनुसार कैंसर के उपचार में अलग-अलग विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एक ही संस्थान में मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों की उपलब्धता मरीज के उपचार को अधिक समन्वित बनाने में मदद कर सकती है।
आधुनिक रेडिएशन तकनीक से उपचार की सुविधा
रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट में Versa HD™ Linear Accelerator उपलब्ध है। संस्थान के अनुसार यह तकनीक Image-Guided Radiation Therapy (IGRT), Stereotactic Radiosurgery (SRS) और Stereotactic Body Radiation Therapy (SBRT) जैसी उन्नत रेडिएशन तकनीकों को सपोर्ट करती है।
इसके साथ ही संस्थान में AI-enabled PET-CT imaging, आधुनिक कीमोथेरेपी सुविधाएं, बोन मैरो ट्रांसप्लांट की क्षमता और विशेषीकृत ऑन्कोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध है। इन सुविधाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के मरीजों को राज्य के भीतर ही उन्नत कैंसर चिकित्सा का विकल्प उपलब्ध कराना है।
शुरुआती पहचान से उपचार के परिणाम बेहतर होने की संभावना
प्रेस मीट में चिकित्सकों ने कैंसर की शुरुआती पहचान के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई प्रकार के कैंसर में बीमारी की समय पर पहचान होने से उपचार के परिणामों में महत्वपूर्ण अंतर आ सकता है। विशेष रूप से ऐसे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, जो तंबाकू का सेवन करते हैं या जिनमें अन्य ज्ञात जोखिम कारक मौजूद हैं।
चिकित्सकों ने सलाह दी कि लोगों को अपनी उम्र और जोखिम कारकों के अनुसार उपयुक्त कैंसर स्क्रीनिंग के संबंध में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों ने लोगों से शरीर में दिखाई देने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। शरीर में किसी प्रकार की गांठ या सूजन, बिना स्पष्ट कारण वजन कम होना, असामान्य रक्तस्राव, आंत या मूत्राशय की आदतों में बदलाव अथवा लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी जैसे लक्षण सामने आने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे लक्षण हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होते, लेकिन इनके लंबे समय तक बने रहने पर उचित चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
HPV और हेपेटाइटिस-B टीकाकरण पर जोर
अस्पताल ने संक्रमण से जुड़े कुछ कैंसर की रोकथाम में टीकाकरण की भूमिका पर भी जोर दिया। चिकित्सकों के अनुसार HPV वैक्सीन उन संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है जो सर्वाइकल कैंसर और HPV से जुड़े कई अन्य कैंसर के प्रमुख कारण हैं।
इसी तरह हेपेटाइटिस-B वैक्सीन क्रॉनिक हेपेटाइटिस-B संक्रमण से बचाव में मदद करती है, जो लिवर कैंसर के महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में शामिल है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी कि वे अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और जोखिम के अनुसार टीकाकरण की आवश्यकता के संबंध में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
शहरों और कस्बों तक पहुंचेगा मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वाहन
कैंसर की शुरुआती पहचान को शहरों से बाहर समुदायों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल जल्द ही एक समर्पित कैंसर स्क्रीनिंग वाहन शुरू करने जा रहा है। अस्पताल के अनुसार यह मोबाइल स्क्रीनिंग वाहन छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों और कस्बों तक पहुंचेगा।
इस अभियान के अंतर्गत मुख्य रूप से ब्रेस्ट कैंसर, ओरल कैंसर और अन्य उपयुक्त कैंसर की स्क्रीनिंग के साथ कैंसर से संबंधित जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जिन लोगों में आगे जांच की आवश्यकता पाई जाएगी, उन्हें आवश्यक डायग्नोस्टिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़े जाने की योजना है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मोबाइल स्क्रीनिंग पहल का उद्देश्य कैंसर की पहचान को केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित न रखते हुए लोगों के समुदाय और उनके आसपास तक पहुंचाना है, ताकि बीमारी की शुरुआती पहचान के अवसर बढ़ाए जा सकें।
"छत्तीसगढ़ के लोगों को घर के करीब मिले विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक"
रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने कहा कि पिछले 36 वर्षों से रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा यात्रा का हिस्सा रहा है और लोगों के विश्वास के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा, "जब प्रतिदिन लगभग 100 नए कैंसर के मामले सामने आने का अनुमान है, तो केवल उपचार पर्याप्त नहीं है। हमें जागरूकता, रोकथाम, उचित टीकाकरण, स्क्रीनिंग और शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान पर भी ध्यान देना होगा। हमारा प्रयास है कि कैंसर की स्क्रीनिंग को समुदायों के और करीब ले जाया जाए और जिन मरीजों को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें छत्तीसगढ़ में ही उन्नत कैंसर चिकित्सा उपलब्ध हो।"
डॉ. दवे ने आगे कहा कि कैंसर का निदान मरीज और उसके परिवार के लिए अपने आप में कठिन समय होता है। ऐसे में सही उपचार की तलाश मरीज और परिवार के लिए एक अतिरिक्त चुनौती नहीं बननी चाहिए। अस्पताल का उद्देश्य है कि मरीजों को आवश्यक विशेषज्ञता, अत्याधुनिक तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर केयर उनके घर के करीब उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 36 वर्षों से अस्पताल पर विश्वास बनाए रखा है और इसी विश्वास के साथ अस्पताल की जिम्मेदारी भी जुड़ी है। व्यापक कैंसर उपचार के लिए मरीजों को दूर के मेट्रो शहरों की यात्रा न करनी पड़े, इसी दिशा में रायपुर में कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत महत्वपूर्ण कदम है।
कैंसर केयर को मजबूत करने की दिशा में नई पहल
रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट और आगामी मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग पहल को छत्तीसगढ़ में कैंसर केयर को मजबूत करने की दिशा में अस्पताल की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया गया है। अस्पताल की योजना कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान से लेकर विशेषज्ञ एवं अत्याधुनिक उपचार तक स्वास्थ्य सुविधाओं को मरीजों के घर के करीब पहुंचाने पर केंद्रित है।
अस्पताल के अनुसार कैंसर के प्रति जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग, सही निदान और उचित उपचार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से मरीजों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। रायपुर में कैंसर संस्थान की शुरुआत और प्रदेश के शहरों एवं कस्बों तक प्रस्तावित मोबाइल स्क्रीनिंग अभियान इसी व्यापक दृष्टिकोण के तहत शुरू किया गया है।
रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स के बारे में
रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स, Aster DM Quality Care Limited का हिस्सा है, जो भारत के प्रमुख एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है। Aster DM Healthcare Limited और Quality Care India Limited के विलय से गठित इस समूह के नेटवर्क में चार प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड—Aster DM, CARE Hospitals, Evercare और KIMSHEALTH—शामिल हैं।
यह नेटवर्क 28 शहरों में 39 अस्पतालों और 10,600 से अधिक बेड्स के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।
सेंट्रल इंडिया के प्रमुख टर्शियरी केयर अस्पतालों में शामिल रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स विभिन्न चिकित्सा एवं सर्जिकल विशेषज्ञताओं में जटिल मामलों के उपचार के लिए जाना जाता है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों तथा कार्डियक साइंसेज, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन और क्रिटिकल केयर जैसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अस्पताल क्लिनिकल एक्सीलेंस और बेहतर उपचार परिणामों पर विशेष ध्यान देते हुए मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
संपर्क:
विवेक सिंह, रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स — मो. +91 9755595859
अशोक सहानी, रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल्स — मो. +91 9179090912