तथाकथित पत्रकार को अपेक्षित सम्मान या तवज्जो नहीं मिलने दुसरो को कर रहा लम्बे समय से परेशान
जनसंपर्क विभाग मे परिवार के नाम पर आईडी, न्यूज एजेंसी के बिल और कृषि विभाग से जुड़े मामले की जांच पर नजरें; निष्पक्ष जांच की मांग
धमतरी। जिले में कथित तौर पर पत्रकारिता की आड़ में लोगों पर दबाव बनाने, विभिन्न संस्थानों से पैसे मांगने और स्वयं को अधिकारी बताकर वसूली करने के आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतों के अनुसार, एक व्यक्ति पर पांच अलग-अलग न्यूज चैनलों से जुड़ा होने का दावा कर लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने और इसी आधार पर कथित रूप से अनुचित दबाव डालने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
जनसंपर्क विभाग में पंजीकृत आईडी को लेकर सवाल
आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने जनसंपर्क विभाग में अपने परिवार के सदस्यों के नाम से आईडी बनवा रखी है। स्थानीय पत्रकारों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि जिन नामों से आईडी दर्ज हैं, उनसे जुड़े लोगों की वास्तविक पत्रकारिता गतिविधियां क्या हैं। कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने भी इस संबंध में जानकारी और पारदर्शिता की आवश्यकता जताई है। हालांकि, आईडी के पंजीकरण, पात्रता और उनके उपयोग की वास्तविक स्थिति विभागीय रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगी।
न्यूज एजेंसी के नाम पर बिल जारी करने का आरोप
मामले में एक अन्य आरोप न्यूज एजेंसी के नाम पर बिल जारी करने से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति ने जिले के कुछ विभागों और निजी संस्थानों में न्यूज एजेंसी के नाम से बिल प्रस्तुत किए हैं। इस संबंध में यह सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित एजेंसी को विज्ञापन लेने या बिल जारी करने का अधिकार था या नहीं और प्रस्तुत बिलों का वास्तविक आधार क्या है। इस मामले में संबंधित न्यूज एजेंसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा बिलों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कृषि अधिकारी बनकर खाद से भरे वाहन को रोकने का आरोप
कुछ माह पूर्व कृषि केंद्र के खाद से भरे एक वाहन को रोककर स्वयं को कृषि अधिकारी बताने और कथित रूप से पैसे लेने का आरोप भी लगाया गया है। बताया जाता है कि इस मामले में कृषि विभाग की ओर से कार्रवाई की बात कही गई थी। हालांकि, जांच की वर्तमान स्थिति, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और किसी कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी आवश्यक है।
केदारनाथ यात्रा के नाम पर पैसे लेने की शिकायत
एक निजी अस्पताल के संचालक से केदारनाथ यात्रा पर जाने के नाम पर हजारों रुपये लेने का आरोप भी चर्चा में है। आरोप लगाने वाले पक्ष के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने यात्रा के नाम पर पैसे लिए थे, लेकिन बाद में उसके कहीं अन्यत्र जाने की बात सामने आई। इस मामले में पैसे दिए जाने के प्रमाण, संबंधित पक्षों के बयान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि किया जाना जरूरी है।
दिन में पत्रकारिता, शाम को पान ठेले पर बैठने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर संबंधित व्यक्ति को पान ठेले से जुड़े व्यवसाय के लिए भी जाना जाता है। आरोप है कि वह दिन के समय स्वयं को पत्रकार बताकर लोगों से संपर्क करता है और शाम से देर रात तक पान ठेले पर बैठता है। कुछ लोगों ने देर रात तक दुकान संचालित होने और वहां नशीले पदार्थों की बिक्री की आशंका भी जताई है। हालांकि, किसी प्रतिबंधित पदार्थ की बिक्री या अन्य गैरकानूनी गतिविधि की पुष्टि संबंधित विभाग अथवा पुलिस की जांच के बिना नहीं की जा सकती। पूर्व में कोतवाली पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए थाने ले जाए जाने की बात भी कही जा रही है, जिसकी पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
खुद का सम्मान कचरे मे अब कुछ पत्रकारों को बना रहा निशाना
कुछ स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को अपेक्षित सम्मान या तवज्जो नहीं मिलने पर वह दूसरे पत्रकारों के खिलाफ शिकायतें करता है। यह भी दावा किया गया है कि अज्ञात व्यक्तियों के नाम से पोस्ट के माध्यम से शिकायतें भेजी गईं। इन आरोपों की सत्यता और शिकायतों के पीछे वास्तविक व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि स्वतंत्र जांच के बाद ही हो सकती है।
निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग
पूरे मामले में जनसंपर्क विभाग, कृषि विभाग, पुलिस और संबंधित न्यूज एजेंसी से तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति ने पत्रकारिता की पहचान का दुरुपयोग कर अवैध वसूली की है या स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित किया है, तो साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।